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How to Do Surya Namaskar Step by Step for Beginners

How to Do Surya Namaskar Step by Step for Beginners:-

सूर्य नमस्कार आसन समस्त योगासनो में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है | How to Do Surya Namaskar Step by Step for Beginners. इसे अनेक रोगो का उपचार कहा जाना चाहिये | यह शरीर कि सरी अंतः स्रावी तंत्र ग्रंथियो (Glaands) को क्रियाशील बनाता है | इस आंतरिक शरीर क्कि अक्रियाशीलता के कारण अग्नाशय (Pancreatic), एड्रीनल (Adrenal), थाय्राइड, पीयूष तथा कई दूसरी महत्वपूर्ण ग्रंथियो में सही क्रिया नही होने के कारण अनेक रोग हो जाते है |
सूर्य नमस्कार इन सभी ग्रंथियो मे होने वाले अवरोधो को दूर करता है 

सूर्य नमस्कार आसन के लाभ:-

यह आसन पेट, रीढ, फेफ्डो और छाती को मजबूत बनाता है | इन सभी भागो मे उत्पन्न होने वाले अधिकांश इश आसन को करने से दूर होते है | 


The 12 Steps Of Surya Namaskar or Sun Salutation


सूर्य नमस्ककार आसान को करने की विधी:-

हम यहॉं सूर्य नमस्कार की 12 अवस्थाये दे रहे हैं |इन्हें दिये गये क्रमो के अनुसार ही करना है | प्रत्येक अवस्था पर निम्न मन्त्रा बोलना है |
(1) ॐ मित्राय नमः (2) ॐ रवे नमः (3) ॐ सूर्याय नमः (4) ॐ भानवे नमः (5) ॐ खगाय नमः (6) ॐ पूष्णे नमः (7) ॐ हिरण्याभार्य नमः (8) ॐ मरीचे नमः (9) ॐ आदित्याय नमः (10) ॐ सचिवे नमः (11) ॐ अकार्य नमः (12) ॐ भास्कराय नमः |

अवस्था-1

सावधान की मुद्रा मे सीधे खडे हो जायें | दोनो हाथो को सूर्य को नमस्कार करने की स्थिति मे ले आये | कुछ सेकेंड हाथ जोडें रहें और सामान्य श्वांस लें | फिर दोनो हाथो को आपने बगल ढीला छोड दें | सिर सीधा रखें और श्वास सामान्य रूप से लेते रहें |




अवस्था‌‌‌‌‌‌‌‌‌-2  


धीरे-धीरे श्वांस अन्दर लेते हुये दोनो हाथ आकाश की ओर उठायें | हथेलियो को सामने रखते हुये हाथ को तानते हुये पीछे को ले जाते हुये आपने शरीर को पीछे की ओर जहॉं तक आराम से हो सके | धनुष के आकार मे लयें | तथा हाथ कानो को छुते रहेगें |





अवस्था-3

अब उसी गति से श्वांस छोडते हुये हाथ सीधा करने के बाद आगे की ओर झूकें | झुकते जायें | हाथो को समांतर  (सामने की ओर) रखें और उन्हें मुडने बिलकुल न दें | जमीन पर लाकर दोंनो हथेलियों को पैर के करीब या सामने टिकायें | घुटने, जॉघे व टॉगे सीधी रखें | हथेलियॉ जब नीचे टिके उस समय तक पूरी श्वांस निकाल दें | ध्यान रहे कि सिर दोनो भुजाओ के बीच मे नीचे की ओर रहे | कमर का उपरी भाग बिल्कुल ढिला रखें | ताकत न लगायें | शुरू मे हथेलियॉ जमीन पर न टिकें तो अंगुलियो से धरती को स्पर्श कर लें |



अवस्थ‌-4

दायॉ पैर आगे करें, श्वांस खीचते हुये बांयॉ पैर घुटने पर टिकायें | जांघ व धड के बीच ज्यादा से ज्यादा जगह रखें | 



अवस्था-5

बायें पैर को पीछे ले जायें दोनो टांगो व पेट को सटाये और ऐसा करते हुये चौथी अवस्था मे खीची हुयी श्वांस को बाहर निकालें |



अवस्था-6

श्वांस को छोडते हुये कोहनियों को मोडते हुये पूरे शरीर को धरती के एकदम समीप ले आयें | लेकिन केवल माथे, छाती, हथेली,घुटने और पंजे से उसका स्पर्श करें | पिछले भाग का वह हिस्सा जहॉ पूंछ का होना माना जाता था उस हिस्से को उपर उठायें | और उपर की ओर ताने रहे |



अवस्था-7

सिर उठाकर पीछे कि ओर ताने, कोहनियॉ सीधी रखें | इसके साथ ही जितना हो सके रीढ को भी पीछे कि ओर मोडें | यह क्रिया करते हुये श्वांस खीचें |



अवस्था-8

श्वांस छोडते हुये कूल्हा उपर उठाते हुये शरीर से उल्टा ''ट'' शब्द बनायें | पैर और हथैलियॉ जमीन पर टिकी रहें |


अवस्थ-9

दायीं टांग आगे लायें जिसे दोनो हथों के मध्य में टिकायें | ऐसा करते हुये श्वांस खीचें |



अवस्था-10

बायीं टांग भी आगे लायें | घुटना सीधा करें | सिर नीचे कि ओर और इस प्रकार तीसरी अवस्था मे आयें | इस क्रिया के साथ श्वांस छोडें |



अवस्था-11

अब श्वांस लेते हुये शरीर सीधा करें और शरीर व हाथो को पीछे तानते हुये दूसरी अवस्था मे आयें |



अवस्था-12

पहली अवस्था मे आ जायें आराम से खडे हों और फिर सूर्य को नमस्कार करें |


How to Do Surya Namaskar Step by Step for Beginners.

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